Tuesday, June 7, 2011

सच्ची वफ़ा की क़ीमत.....

एक चिडिया को एक सफ़ेद गुलाब से प्यार हो गया , उसने  गुलाब को प्रपोज किया ,
गुलाब ने जवाब दिया की जिस दिन मै लाल हो जाऊंगा, उस दिन मै तुमसे प्यार करूँगा ,

जवाब सुनकर चिडिया गुलाब के आस पास काँटों में लोटने,
लगी और उसके खून से गुलाब लाल हो गया,
ये देखके गुलाब ने भी उससे कहा की वो उससे प्यार करता,
 है पर तब तक चिडिया मर चुकी थी,

इसीलिए कहा गया है की सच्चे प्यार का कभी भी,
 इम्तहान नहीं लेना चाहिए,
क्योंकि सच्चा प्यार कभी इम्तहान का मोहताज नहीं होता
 है ,ये वो फलसफा; है जो आँखों से बया होता है ,

ये जरूरी नहीं की तुम जिसे प्यार करो वो तुम्हे प्यार दे ,
बल्कि जरूरी ये है की जो तुम्हे प्यार करे तुम उसे जी भर कर प्यार दो,
फिर देखो ये दुनिया जन्नत सी लगेगी प्यार खुदा की ही बन्दगी है ,
खुदा भी प्यार करने वालो के साथ रहता,



नोट:-   प्रिय ब्लॉग पाठकों मेरी एक पूर्व प्रकाशित रचना  आपके  आशीर्वाद के लिए 
           फिर से पोस्ट की है. इसे पढ़कर अपना एक आशीर्वाद दें और  
           मेरा  उत्साह  वर्धन  करें.
 .

Saturday, May 7, 2011

प्यार और धोखा .......


आजकल शायद ही कोई समझता हो प्यार का सही मतलब,
हर कोई हर किसी से पूछता है की क्या आपने कभी प्यार किया है 
तो सबका जवाव होता है की "हाँ किया है "पर क्या वो सच में प्यार करते है या धोखा देते है खुद को भी और दुसरो को भी,
अगर उन्ही जवाव देने वालो से  पुछा जाये की प्यार क्या होता है तो उनका जवाव होगा की हमे नहीं मालूम या कुछ का जवाव होगा
की प्यार का नाम मस्ती होता है,सच कहा जाये 
तो आजकल प्यार का सही अर्थ युवा पीढ़ी  जानती ही  नहीं,
प्यार करते सभी है पर मतलब उन्हें कुछ नहीं पता होता 
अगर पता होता तोह शायद प्यार के साथ पछतावे का नाम नहीं होता
 क्योकि जहा प्यार  की सच्चाई  है वही धोखा  भी साथ चला आता है
अगर दो लोगो में प्यार है तो उनमे से एक शायद धोखेबाज निकलता है
उसके लिए दुसरे के  जज्बात सिर्फ खिलौना होता है ,
शायद इसीलिए प्यार का नाम आज बदनामी से जुडा  है....

Thursday, May 5, 2011

ज़िन्दगी का खेल........

तनहा ना छोड़ेंगे ये वादा किया
ज़िन्दगी ने,
फिर भी हर मोड़  पर अकेला छोड़ा
ज़िन्दगी ने,
आसू
ना आने देंगे आपकी आँखों मै ये वादा किया 
ज़िन्दगी ने ,
फिर भी अपनों के लिए रुला दिया
ज़िन्दगी ने ,
मुझे कामयाबी का शिखर मिलेगा ये कहा
ज़िन्दगी ने ,
एक तिनके का सहारा भी ना छोड़ा
ज़िन्दगी ने ,
सब कुछ देकर भी कुछ ना दिया
ज़िन्दगी ने .

Friday, April 29, 2011

यादों में ज़हर!

दर्द दे कर 'इश्क' ने हमे रुला दिया,
जिस पर मरते थे उस ने भुला दिया,
सोचा उसकी यादों में ही जी लेंगे,
उसने यादों में भी ज़हर मिला दिया.

Sunday, April 24, 2011

तुम्हारा एहसास...............


हिचकियों से एक बात का पता चलता है,
कि कोई हमे याद तो करता है,
बात न करे तो क्या हुआ,
कोई आज भी हम पर कुछ लम्हे बरबाद तो करता है

ज़िंदगी हमेशा पाने के लिए नही होती,
हर बात समझाने के लिए नही होती,
याद तो अक्सर आती है आप की,
लकिन हर याद जताने के लिए नही होती

महफिल न सही तन्हाई तो मिलती है,
मिलन न सही जुदाई तो मिलती है,
कौन कहता है मोहब्बत में कुछ नही मिलता,
वफ़ा न सही बेवफाई तो मिलती है

कितनी जल्दी ये मुलाक़ात गुज़र जाती है
प्यास भुजती नही बरसात गुज़र जाती है
अपनी यादों से कह दो कि यहाँ न आया करे
नींद आती नही और रात गुज़र जाती है

उमर की राह मे रस्ते बदल जाते हैं,
वक्त की आंधी में इन्सान बदल जाते हैं,
सोचते हैं तुम्हें इतना याद न करें,
लेकिन आंखें बंद करते ही इरादे बदल जाते हैं

कभी कभी दिल उदास होता है
हल्का हल्का सा आँखों को एहसास होता है
छलकती है मेरी भी आँखों से नमी
जब तुम्हारे दूर होने का एहसास होता है  

Sunday, April 17, 2011

,प्यार की वफ़ा .......

एक चिडिया को एक सफ़ेद गुलाब से प्यार हो गया , उसने 
गुलाब को प्रपोज किया ,
गुलाब ने जवाब दिया की जिस दिन मै लाल हो जाऊंगा,
 उस दिन मै तुमसे प्यार करूँगा ,

जवाब सुनके चिडिया गुलाब के आस पास काँटों में लोटने,
लगी और उसके खून से गुलाब लाल हो गया,
ये देखके गुलाब ने भी उससे कहा की वो उससे प्यार करता,
 है पर तब तक चिडिया मर चुकी थी,

इसीलिए कहा गया है की सच्चे प्यार का कभी भी,
 इम्तहान नहीं लेना चाहिए,
क्योंकि सच्चा प्यार कभी इम्तहान का मोहताज नहीं होता
 है ,ये वो फलसफा; है जो आँखों से बया होता है ,

ये जरूरी नहीं की तुम जिसे प्यार करो वो तुम्हे प्यार दे ,
बल्कि जरूरी ये है की जो तुम्हे प्यार करे तुम उसे जी भर
 कर प्यार दो,
फिर देखो ये दुनिया जन्नत सी लगेगी प्यार खुदा की ही बन्दगी है ,
खुदा भी प्यार करने वालो के साथ रहता,

Friday, April 8, 2011

दिल के पास .....................

ख़ुशबू बनकर आपके पास बिखर जाएँगे.
सुकून बनकर आपके दिल में उतर जाएँगे.
ज़रा महसूस करने की कोशिश तो करिए.
दूर रहते हुए भी पास नज़र आएँगे.

Sunday, April 3, 2011

भारतीये नववर्ष........................

सभी देशवासियो को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

Saturday, March 5, 2011

अधुरा,,,,,,,,,,,

रखते ही कदम जवानी मै,
अहसास सभी को होता है, 
जब याद आए कोई बहुत,
समझो तब प्यार होता है, 
और वो प्यार भी पूरा क्या होगा,
जिसका पहला अक्षर ही अधुरा होता है,



Monday, February 28, 2011

कोई इल्जान लिख दो.....................

दिल उदास है बहुत कोई पैगाम ही लिख दो,
तुम अपना नाम न लिखो गुम-नाम ही लिख दो,

मेरी किस्मत में ग़म-इ-तनहाई है लेकिन तुम,
तमाम उम्र न लिखो पर एक शाम तो लिख दो,

ज़ुरूरी नहीं की मिल जाए सकून हर किसी को,
सरे-इ-बज़्म न आओ मगर बेनाम ही लिख दो,

ये जानता हूँ की उम्र भर तनहा मुझको रहना है,
मगर पल दो पल या घड़ी दो घड़ी  मेरे नाम ही लिख दो,

चलो हम मान लेते है के सज़ा के मुसतहिक़ ठहरे हम,
कोई इनाम न लिखो कोई इल्जाम ही लिख दो,


Saturday, February 26, 2011

खूबसूरत जिंदगी

खूबसूरत है वो लब जिन पर दूसरों के लिए कोई दुआ आ जाए,         


खूबसूरत है वो मुस्कान जो दूसरों की खुशी देख कर खिल जाए, 


खूबसूरत है वो दिल जो किसी के दुख मे शामिल हो जाए,         


खूबसूरत है वो जज़बात जो दूसरो की भावनाओं को समज जाए,  


खूबसूरत है वो एहसास जिसमे प्यार की मिठास हो जाए,         


खूबसूरत है वो बातें जिनमे दोस्ती और प्यार की किस्से शामिल हों जाए, 


खूबसूरत है वो आँखे जिनमे किसी के खूबसूरत ख्वाब समा जाए, 


खूबसूरत है वो हाथ जो किसी के लिए मुश्किल के वक्त सहारा बन जाए,  


खूबसूरत है वो सोच जिस मैं किसी कि सारी ख़ुशी झुप जाए,     


खूबसूरत है वो दामन जो दुनिया से किसी के गमो को छुपा जाए, 


खूबसूरत है वो किसी के आँखों के आसूँ जो किसी के ग़म मे बह जाए,..

Tuesday, February 15, 2011

नजारों की कमी नहीं

नज़रो को नजारों की कमी नहीं होती,
फूलो को बहारो की कमी नहीं होती, 
फिर क्यू हमें याद करोगे आप,
आप तो आसमान हो यार,
और आसमान में सितारों की कमी नहीं होती,

Monday, February 14, 2011

हमको भुलाना नहीं

 'हँसा' कर किसी दिन रुला मत देना, 
 'ख़ास'  बना कर कभी ग़ैर मत बना देना,
मन की रोज़ आपसे हम बात नहीं करते,
ये बहाना बना कर कभी 'भुला' मत देना,       

बेवफा हो गए,

 अपनापन दिखा कर जुदा हो गए ,
 ना सोचा  ना समझा  ख़फ़ा   हो गए,                                
 दुनिया में पहली बार जिसको अपना कहा,                                
 वो भी लोगो की बातो में आकर बेवफा हो गए.                                

Friday, February 4, 2011

तड़फ....





तरस गए हम कुछ सुनने को लब से तुम्हारे

दो  बातें प्यार की  ना सही, कोई शिकायत ही कर दो!


Tuesday, February 1, 2011

ये कैसी विडम्बना..............


जाने कौन सी सिहायी से दिल पर, 


नाम लिख गया वो!


जाने कौन से लम्हें में,


अपना बना गया वो!


जाने कब हर सांस में,


हर धड़कन में,


चुपके से बस गया वो!


ये कैसी विडम्बना है? 


ज़िन्दगी दी उस खुदा ने,  

लेकिन! 



अब मेरा खुदा बन गया 'वो'! 

Sunday, January 30, 2011

ये कैसी दुविधा!

उसने   दूर   रहने का  मशविरा लिखा है!

साथ ही प्यार का वास्ता लिखा है!
 
आगे ये भी लिखा है घर कभी मत आना!

और साफ़ लफ़्ज़ों में घर का पता भी लिखा है!